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कलिकालभुजङ्गमावलीढं निखिलं धर्ममवेक्ष्य विक्लवं

यः। जगतः पतिरंशतोवतीर्णः स शिवच्छत्रपतिर्जयत्यजेयः॥

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क्या मनुस्मृति सच में दण्डविधान में पक्षपात करति हैं?

     Narayan B. Shete                                                                                                                       क्या मनुस्मृति सच में दण्डविधान में पक्षपात करति हैं? (विशेषतः ब्राह्मण और शूद्रों के प्रति) यह हम सब जानतें हीं हैं कि पिछले दशाधिक दशकोमें ‘मनुस्मृति’ यह ग्रन्थ बहुचर्चित रहा हैं। कतिपय विद्वान् इसके विरोधक तथा समर्थक रह् चुकें हैं। भारत में यह वैदिकों का समाजव्यवस्था के लिये धर्मग्रन्थ रहContinue reading “क्या मनुस्मृति सच में दण्डविधान में पक्षपात करति हैं?”

॥किं सत्यमेव मनुस्मृतिः पक्षपातिनी वर्तते दण्डविधाने॥

(विशेषतया ब्राह्मणानां शूद्राणां च प्रति) Narayan B. Shete इह खलु ज्ञायते अस्माभिः यद्गतेषु दशाधिकेषु दशकेषु “मनुस्मृतिः” अस्ति बहुचर्चितः ग्रन्थः। अस्य कतिपयविद्वांसः विरोधकाः समर्थकाश्च बभूवुः भवन्ति च। अयमासीद्भारते वैदिकानां प्रमुखः धर्मग्रन्थः समाजव्यवस्थार्थम्। बहवः सन्ति वैदिकानां धर्मग्रन्थाः धर्मसूत्राणि च तथापि एकस्याः याज्ञवल्क्यस्मृत्याः अपवादः, नो चेन्नास्ति मनुस्मृतिसमो ग्रन्थः येन हि एतावद्दीर्घकालपर्यन्तं प्रभावपूर्णं साम्राज्यं कृतमस्मिन राष्ट्रे वैदिकेषु। न केवलंContinue reading “॥किं सत्यमेव मनुस्मृतिः पक्षपातिनी वर्तते दण्डविधाने॥”

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